मुंबई:
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध से जुड़ा अपना निजी अनुभव साझा करते हुए सबको चौंका दिया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनकी बेटी ऑनलाइन वीडियो गेम खेल रही थी, तभी एक अनजान शख्स ने चैट में पहले उसका लिंग पूछा और फिर आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने की मांग की। बेटी ने तत्काल गेम बंद किया और मां को इसकी जानकारी दी।
अक्षय कुमार ने इस घटना को उदाहरण बनाते हुए कहा कि यह दिखाता है कि किस तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चे आसानी से शिकार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध अब सड़क पर होने वाले अपराधों से भी बड़ा रूप ले चुका है, जिसे रोकने के लिए जागरूकता और शिक्षा बेहद जरूरी है।

अभिनेता ने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री से अपील की कि राज्य के स्कूलों में कक्षा 7 से 10 तक हर हफ्ते एक “साइबर पीरियड” होना चाहिए, जिसमें बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अपराध के खतरों के बारे में पढ़ाया जाए। उनका कहना था कि अगर बच्चों को शुरू से ही डिजिटल दुनिया के नियम और खतरे समझाए जाएंगे तो वे आत्मविश्वास के साथ खुद को सुरक्षित रख सकेंगे।

कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने भी माना कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है और इसके खिलाफ समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर कदम उठाने की आवश्यकता है।
समापन:
अक्षय कुमार का यह संदेश हर परिवार के लिए चेतावनी है कि बच्चों को सिर्फ किताबों की शिक्षा ही नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा का पाठ भी पढ़ाया जाना चाहिए, ताकि वे इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रह सकें।










