विजयादशमी के अवसर पर गोरखपुर का माहौल भक्ति, आस्था और भावनाओं से सराबोर रहा। दीवान दयाराम रेती चौक स्थित कालीबाड़ी मंदिर से निकली मां दुर्गा की शोभायात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु नम आंखों से मां अंबे को विदा करते नजर आए।

55 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अंतर्गत इस वर्ष भी पूरे बंगाली विधि-विधान से पूजा-पाठ के बाद, नगर निगम द्वारा तैयार कृत्रिम पोखरे में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने मां को रथ पर बैठाकर अपने हाथों से खींचते हुए राप्ती के किनारे स्थित पोखरे तक पहुंचाया।
यात्रा का शुभारंभ सुबह महंत रवींद्र दास जी के शंख उद्घोष के साथ हुआ। शोभा यात्रा का संचालन प्रख्यात सामयिक कर्मयोगी मंजीत श्रीवास्तव (बाबू) ने किया। इस दौरान पूरे मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा और सूक्ष्म आरती कर श्रद्धालुओं ने मां का अभिनंदन किया।

“अगले वर्ष मां जल्दी आओ” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा और विदाई के क्षणों में आस्था से भरे चेहरे भावुक हो उठे।

इस अवसर पर निरंजन अग्रवाल, शशांक मुन्ना शुक्ला, मनोज अग्रवाल, मंजीत कुमार, विपिन वर्मा, अभिषेक चौरसिया, चंदन अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अंकुर गुप्ता, अमन सिंह, शाश्वत गनेड़ीवाल, आलोक जसपुरिया, ऋषभ गुप्ता, शशांक गनेड़ीवाल, रजत चौरसिया, आदित्य जसपुरिया, कुणाल चौरसिया, आलोक वर्मा, सौरभ गुप्ता, अक्षय प्रभु, अर्पित गुप्ता, नीरज वर्मा, उपेंद्र मिश्रा, हरेंद्र मिश्रा, दीपक पांडे, अभिनव चौरसिया, अंकुर शर्मा, शुभम चौरसिया, आर्यन अग्रवाल, आयुष चौरसिया, अंश अग्रवाल, सावन चौरसिया, चर्चित चौरसिया, बसु चौरसिया, अभिनव चौधरी, विश्व स्वरूप शाह, कुशाग्र गुप्ता, अंशु सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
मां दुर्गा की विदाई के साथ ही गोरखपुर का यह ऐतिहासिक उत्सव एक बार फिर अगले वर्ष लौटने की आस्था और उम्मीद छोड़ गया।











