भारत के प्रमुख लोकआस्था पर्वों में शामिल छठ महापर्व की भव्यता आज पूरे देश में देखने को मिली। बिहार और पूर्वांचल से निकलकर यह पर्व अब दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ तक आस्था का विराट स्वरूप ले चुका है।
सोमवार तड़के छठ व्रती महिलाओं और पुरुषों ने उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर अपने परिवार की स्वास्थ्य, समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। घाटों पर उमड़ी भीड़ और सूर्य देव की आराधना का अद्भुत दृश्य श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।
दिल्ली में विशेष उत्साह

कभी यमुना में पूजा को लेकर संकोच की स्थिति रहती थी, लेकिन इस वर्ष हिंडन नदी किनारे बने आकर्षक और सुरक्षित घाटों ने लोगों को बेहद सुविधा दी। राजधानी में हजारों श्रद्धालुओं ने परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना की।
राष्ट्रपति भवन में भी छठ मैया की पूजा का विशेष आयोजन हुआ, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल रहीं। वहीं, केंद्रीय मंत्री परवेश साहिब सिंह अपने आवास पर बनाए गए घाट पर श्रद्धा से फूल अर्पित करते दिखे।
उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में भी दिखा रंग

उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चरन मांझी ने अपनी पत्नी के साथ भुवनेश्वर में छठ पूजा की और बिहार-यूपी के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
बिहार: भक्ति का केंद्र
बिहार में छठ की छटा हमेशा की तरह निराली रही। पटना के दीघा घाट और अन्य नदी तटों पर लाखों की भीड़ उमड़ी। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) अध्यक्ष चिराग पासवान के आवास पर पहुंचकर शुभकामनाएं दीं। चिराग ने भी विनम्रता से चरण स्पर्श कर परंपरा और सौहार्द का परिचय दिया।
सितारों ने भी निभाई आस्था

भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने लगातार दूसरे वर्ष छठ व्रत रखा।
उन्होंने सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद कहा:
“बिहार की छठ की बात ही कुछ और है।”

एकता और संस्कृति का उत्सव
चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व न सिर्फ धार्मिक मान्यता रखता है, बल्कि सामाजिक समानता, परिश्रम और प्रकृति पूजा का भी संदेश देता है।
सच में —
छठ सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि पूरे भारत को जोड़ने वाला उत्सव है।












