भारतीय राजनीति के वो दिग्गज, जिन्हें पिछले एक दशक से ‘चाणक्य’ कहा जाता है। वो शख्सियत, जिसकी बिछाई सियासी बिसात के आगे बड़े-बड़े सूरमा ढेर हो जाते हैं। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि कोई छोटा सा बच्चा उसी चाणक्य को चुनौती दे दे और उन्हें हरा भी दे?
जी हां, नज़ारा था गुजरात के अहमदाबाद का। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गृह मंत्री अमित शाह, जिन्हें गुजराती समाज प्यार से ‘मोटा भाई’ कहता है, अपने आवास की छत पर पहुंचे। हाथों में चरखी और आंखों में प्रतिद्वंद्वी की पतंग काटने का जोश—अमित शाह बिल्कुल अलग ही रंग में नजर आ रहे थे।

जैसे ही खबर फैली कि मोटा भाई छत पर हैं, आसपास की छतों और सड़कों पर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई राजनीति के इस शहंशाह को पतंगबाजी करते देखना चाहता था।
तभी खेल शुरू हुआ। पास की ही एक छत से एक किशोर अपनी पतंग को पूरे आत्मविश्वास के साथ हवा में लहरा रहा था। कुछ ही पलों में किशोर और अमित शाह की पतंगों के बीच पेंच फंस गया। अमित शाह पूरी मुस्तैदी से अपनी डोर को झटके दे रहे थे, उनकी भाव-भंगिमा बता रही थी कि वो प्रतिद्वंद्वी की पतंग काटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

लेकिन तभी अचानक बाजी पलट गई। एक तेज़ झटका लगा और अगले ही पल अमित शाह की पतंग कटकर हवा में गोते खाने लगी। उस साहसी किशोर की पतंग हवा में विजयी मुद्रा में लहरा रही थी।
जैसे ही पतंग कटी, राजनीति के ‘चाणक्य’ के चेहरे से मुस्कान पल भर के लिए ओझल हुई। उन्होंने थोड़ी झिझक और संकोच के साथ अपनी बची हुई डोर समेटना शुरू किया। यह दृश्य बेहद दुर्लभ था—जिस नेता ने चुनावी अखाड़े में कई छत्रपों को धूल चटाई, आज वो पतंग के मैदान में एक बच्चे से हारकर भी मुस्कुरा रहा था।

मैदान चाहे सियासत का हो या खेल का, हार-जीत तो लगी रहती है, लेकिन अमित शाह का यह मानवीय अंदाज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।










