लखनऊ:
लखनऊ में आयोजित Viksit UP Vision‑2047 कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के वि
कास, प्रशासनिक फैसलों और कानून व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने कहा कि इस समय उत्तर प्रदेश का रेवेन्यू सरप्लस ₹70,000 करोड़ तक पहुँच गया है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती का स्पष्ट संकेत है।
योगी ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी वाला राज्य अब जातिवाद और परिवारवाद से ऊपर उठकर विकास के रास्ते पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में कोई भी व्यक्ति या समूह जाति या परिवार के नाम पर लोगों की भावनाओं को भड़काने और संसाधनों का दोहन करने की राजनीति नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया:
“इन्हीं के लिए हमने बुलडोज़र बनाया है। अब पेशेवर अपराधियों और माफियाओं पर सत्ता सैल्यूट नहीं करेगी।”
उन्होंने बरेली में हुई हिंसा का उदाहरण देते हुए कहा कि मौलाना भूल गया कि राज्य में किसकी सरकार है। CM योगी ने यह भी कहा कि ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाए।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि यूपी कभी ‘बीमारू राज्य’ कहलाता था। उस समय दंगाइयों की आवभगत होती थी और पेशेवर अपराधी तथा माफियाएँ सत्ता के सामने सिर झुकवाते थे। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है, और राज्य विकास और कानून व्यवस्था के साथ एक मजबूत और आत्मनिर्भर प्रदेश बन रहा है।
कॉन्क्लेव में CM योगी ने Viksit UP Vision‑2047 के तहत राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, निवेश आकर्षित करने और समाज को समग्र विकास देना शामिल किया। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रोजेक्ट्स, वैश्विक निवेश आकर्षण और कानून व्यवस्था सुधारों से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और UP में व्यवस्था मजबूत होगी।
कहा गया कि सरकार की योजना है कि उत्तर प्रदेश को 2047 तक $6 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाया जाए।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं। सामाजिक सामंजस्य बनाए रखना, हिंसा की रोकथाम सुनिश्चित करना और यह देखना कि आम जनता तक विकास का लाभ पहुँचे — यह यूपी के लिए अब भी प्राथमिकता है।
कॉन्क्लेव ने स्पष्ट किया कि विकास और सख्ती का संतुलन कायम रहना राज्य की प्राथमिकता है। CM योगी का यह संदेश है कि यूपी अब केवल ‘बीमारू राज्य’ नहीं, बल्कि एक बदलता, मजबूत और आत्मनिर्भर प्रदेश बन चुका है।


