गोरखपुर। पहली बार गोरखपुर में एक ही पंडाल के भीतर देश-दुनिया के 200 प्रकाशकों की पुस्तकों का भव्य मेला आयोजित किया गया, जिसे नाम दिया गया — गोरखपुर पुस्तक महोत्सव। इस अनूठे आयोजन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन, गोरखपुर के कई विधायक, गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, तथा राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक और पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में NBT द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। कुलपति ने अपने स्वागत भाषण में पुस्तक महोत्सव के आयोजन हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद प्रकट किया।

इस दौरान सांसद रवि किशन ने मुख्यमंत्री से जुड़े दो रोचक तथ्य साझा किए —
1️⃣ योगी आदित्यनाथ के हाथ में कभी भी स्मार्टफोन नहीं देखा जाता
2️⃣ उनकी असली दोस्त उनकी किताबें हैं
महोत्सव में छात्रों और युवाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पुस्तकें देखने और खरीदने की होड़ से पूरा पंडाल खचाखच भरा नजर आया।

अपने उद्बोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों को पुस्तक पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा —
“यहां उपलब्ध पुस्तकें सस्ती और सुलभ हैं, इसलिए हर व्यक्ति एक पुस्तक जरूर खरीदे।”
उन्होंने छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ अच्छी और धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करने की नसीहत दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘Exam Warriors’ पढ़ने की सलाह भी दी।
महोत्सव में एक नवयुवक मिला जिसका रोल मॉडल चाणक्य हैं। उसने चाणक्य नीति की पुस्तक खरीदने के बाद खुश होकर कहा कि यही उसके जीवन की प्रेरणा है।



200 स्टॉल में से एक स्टॉल योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया का भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां युवाओं की विशेष रुचि देखी गई। यहां परमहंस योगानंद की ‘योगी कथा अमृत’ सहित आध्यात्मिक साहित्य की विभिन्न पुस्तकें उपलब्ध हैं।
प्रो. आर.सी. श्रीवास्तव ने लोगों को सोसाइटी के कार्यों और आध्यात्मिक विरासत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
गोरखपुर पुस्तक महोत्सव को लेकर शहर में उत्साह और उमंग का माहौल बना हुआ है और यह कार्यक्रम पढ़ने-लिखने की संस्कृति को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है।












