मुंबई- मुम्बई मेंआज इतिहास लिखा गया —
और इस इतिहास की लेखिका बनीं भारत की बेटियाँ.
तीन बार फाइनल तक पहुंचकर अधूरे सपने देखने वाली
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इस बार वो कर दिखाया
जिसका इंतज़ार पूरे देश को था —
विश्व कप अब भारत के नाम!
भारतीय बल्लेबाजों ने ग़ज़ब का प्रदर्शन किया —
पूरा 50 ओवर खेलकर बनाए 298 रन, 7 विकेट के नुकसान पर!
ओपनर स्मृति मंधाना ने शानदार 45 रन ठोके,और शेफाली वर्मा की तेज़ 87 रन की पारी ने स्कोर को ऊँचाई दी.
हरफनमौला दीप्ति शर्मा ने जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए 58 रन जोड़े,

इसके जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम ने जुझारूपन तो दिखाया,
कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने खेली यादगार 101 रन की पारी,
लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों के आगे टिक पाना आसान नहीं था।
दीप्ति शर्मा ने अपने जादुई स्पिन से झटके 5 विकेट,
और साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर ढेर हो गई।
शेफाली वर्मा जहां प्लेयर ऑफ द मैच रहीं, वही दीप्ति शर्मा मैन ऑफ द सीरीज बनीं.
भारत ने यह फाइनल मुकाबला 52 रनों से जीतकर
महिला क्रिकेट के इतिहास में पहला विश्व कप अपने नाम किया!

स्टेडियम में तिरंगा लहराया,
देश में जश्न की लहर दौड़ गई —
भारत की शेरनियों ने कर दिखाया कमाल!
फाइनल स्कोर कार्ड:
भारत महिला टीम – 298/7 (50 ओवर)
दक्षिण अफ्रीका महिला टीम – 246 ऑल आउट (45.3 ओवर)
भारत ने मैच 52 रनों से जीता












