पहली बार वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचने वाली यह टीम,
अब हार के कगार पर है —
फाइनल का मंच… भीड़ का शोर… और उम्मीदों का समंदर —
पर इन सबके बीच दक्षिण अफ्रीका महिला टीम के चेहरे आज कुछ अलग हैं.
क्योंकि जीत से ज़्यादा, यह मुकाबला उनके सपनों और संघर्षों का है.
लेकिन हार के कगार पर भी दर्शकों से वाहवाही लूटने में कामयाब रही है दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम.
हर गेंद, हर रन, हर गिरता विकेट —
जैसे एक कहानी कह रहा हो कि
“सपनों की मंज़िल सिर्फ जीत नहीं, सफर भी होता है।”
आज मैदान पर आँसू हैं, लेकिन सिर झुका नहीं —
क्योंकि ये वही टीम है जिसने सीमाओं को तोड़ा,
और दिखा दिया कि इच्छाशक्ति ही असली ताकत है.
वर्ल्ड कप का ये फाइनल भले उनके नाम न हो,
पर यादों में दर्ज रहेगा —यह लम्हा.,,











