जालौन / उरई: शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे, कुठौंद थाना के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार राय ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से कथित रूप से खुद पर गोली चला ली।
गोली चलने की आवाज सुनकर अन्य पुलिसकर्मी तुरंत उनके सरकारी क्वार्टर की ओर दौड़े। उन्हें खून से लथपथ हालत में पाया गया।

इन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाद मेडिकल कॉलेज, उरई रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान रात करीब 11:15 बजे उनकी मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या जैसा लग रहा है। लेकिन जांच के दौरान किसी अन्य संभावित कारण या अन्य कोणों को भी परखा जाएगा।
प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार राय मूल रूप से गोरखपुर निवासी थे; 2023 में उन्हें इस क्षेत्र में तैनात किया गया था। कुठौंद पोस्टिंग से पहले उनकी सेवाएं अन्य थानों (कोतवाली आदि) में रह चुकी थीं।
घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारी, फोरेंसिक टीम और क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।


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🔎 प्वाइंट्स फॉर एनालिसिस / आगे की जांच
अभी तक आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं; विभाग हर पहलू से घटना की समीक्षा कर रहा है।
ये देखना होगा कि क्वार्टर में क्या अनियमितताएँ थीं।
साथ ही, किसी तरह की दबाव, मानसिक तनाव या अन्य कारणों की भी जांच होगी — क्योंकि पुलिसकर्मियों की खुदकुशी अक्सर सिर्फ एक घटना नहीं होती।
परिवार व स्थानीय अधिकारियों से बयान लिए जा रहे हैं; फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह सामने आ पाएगी।

आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद से सटे संत कबीर नगर जनपद के रहने वाले इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने कल शाम अपने क्षेत्र में सरकारी वाहन से गश्त भी किया| और इलाके में ही चल रहे एक धार्मिक वैवाहिक अनुष्ठान में भाग लिया, जहां मंदिर के पुजारी समेत कुछ अन्य लोगों ने इनका सम्मान भी किया। लौट कर अपने थाने पहुंचे और सीधा अपने आवास में चले गए, थाना परिसर के पुलिस कर्मियों ने आवास के भीतर से फायरिंग की आवाज सुनकर दौड़ लगाई, जहां इंस्पेक्टर को खून से लथपथ बेहोशी के हालात में देखा गया आनंद फलन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, 2 घंटे की जद्दोजहद के बाद भी डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।












