गोरखपुर।
फातिमा अस्पताल परिसर, पादरी बाजार में शनिवार को
लैंप लाइटिंग (दीप प्रज्वलन) एवं दीक्षांत समारोह
भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि
पंडित दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर की कुलपति
प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि
नर्सिंग सेवा का वास्तविक अर्थ
लोगों के जीवन में आशा का दीप प्रज्ज्वलित करना है।
नर्स का मरीज के साथ सबसे अधिक समय तक संपर्क रहता है
और यह सेवा जाति-धर्म से ऊपर मानवता की भावना से जुड़ी होती है।
उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि
नर्सिंग को सेवा भाव से अपनाएँ,
केवल आर्थिक लाभ के उद्देश्य से नहीं।

इस अवसर पर
फातिमा कॉलेज ऑफ नर्सिंग के
बीएससी नर्सिंग चौथा बैच,
जीएनएम सत्रहवाँ बैच
एवं एएनएम पाँचवाँ बैच की
120 नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का
दीप प्रज्वलन एवं शपथ ग्रहण कराया गया।
साथ ही
फातिमा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के
डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री पंद्रहवाँ बैच
तथा डीएमएलटी सत्रहवाँ बैच का
दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ
मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन,
कैथोलिक धर्मप्रान्त के धर्माध्यक्ष
बिशप थॉमस धुरूधिमट्टम सीएसटी
एवं पूर्व बिशप डॉ. डोमिनिक कोकट
द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
बिशप थॉमस धुरूधिमट्टम ने छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि
दीप की यह लौ
फ्लोरेंस नाइटिंगल की सेवा भावना को
उनके जीवन में सदैव प्रज्वलित रखे।
फातिमा अस्पताल के निदेशक
फा. डॉ. संतोष सेबास्टियन ने
स्वागत भाषण में कहा कि
स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा का समन्वय
समानता, बंधुत्व और न्याय के संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है।
समारोह में
मेधावी छात्र-छात्राओं को
प्रो. पूनम टंडन,
बिशप थॉमस धुरूधिमट्टम,
बिशप डॉ. डोमिनिक कोकट,
डॉ. रामकुमार (प्रधानाचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज),
डॉ. राजेश झा (मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गोरखपुर)
द्वारा प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफियाँ प्रदान की गईं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में
“रंगों की उड़ान” लघु नाटिका और समूह नृत्य
मुख्य आकर्षण रहे।
कार्यक्रम का संचालन
अलिशा वेनचुरा, श्वेता सिंह, नवीन एवं नेहल द्वारा किया गया।











