प्रयागराज से एक बड़ा और विवादित बयान सामने आया है। साध्वी और पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है।
ममता कुलकर्णी ने कहा — “उन्हें सर्वोच्च शंकराचार्य किसने नियुक्त किया?”
उन्होंने यह भी कहा कि अहंकार के कारण हुए संघर्ष के बाद वह उन्हें शंकराचार्य नहीं मानतीं।
उनका कहना है कि मूल शंकराचार्य आठवीं शताब्दी में हुए, जिन्होंने चार पीठों की स्थापना की थी,
और वही सनातन परंपरा के वास्तविक स्तंभ हैं।

माघ मेले और संगम स्नान विवाद के बीच आया यह बयान अब धार्मिक और सामाजिक बहस का विषय बन चुका है।
आपको याद दिला दें कि पिछले साल महाकुम्भ के दौरान उन्होंने अपने को सनातन धर्म के हवाले कर दिया था।
ममता कुलकर्णी ने फिल्मों को लगभग 25 वर्ष पहले छोड़ दिया था और अब वह फिल्मों में वापसी के बारे में गंभीर
रुप से सोचती भी नहीं दिखतीं।

उन्होंने कहा है कि फिल्मी दुनिया में वापस लौटने के लिए “कल्पना भी नहीं कर सकतीं।”

