March 1, 2026 10:44 am

कोर्ट के बाहर छलके केजरीवाल के आंसू, कहा – आज़ाद भारत का ‘यह सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र था’

नई दिल्ली।
भारतीय राजनीति में भावनाओं के कुछ पल ऐसे होते हैं, जो वर्षों बाद भी याद किए जाते हैं। साल 2007 में जब Yogi Adityanath गोरखपुर जेल से जमानत पर रिहा होकर संसद पहुंचे थे, तो सदन में उनका आत्मसम्मान छलक पड़ा था। वह दृश्य आज भी राजनीतिक इतिहास का अहम अध्याय माना जाता है।

कुछ वैसा ही नज़ारा आज राजधानी दिल्ली में देखने को मिला—हालांकि इस बार मंच संसद नहीं, बल्कि अदालत परिसर था।

दिल्ली की बहुचर्चित शराब नीति मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal कोर्ट परिसर के बाहर भावुक हो गए। जैसे ही वे अपनी पत्नी और बच्चों से मिले, उनकी आंखें नम हो उठीं। समर्थकों की भीड़, पार्टी कार्यकर्ताओं के नारे और कैमरों की चमक के बीच केजरीवाल खुद को संभालते नजर आए, लेकिन भावनाएं छुप नहीं सकीं।

मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा,
“केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है… कोर्ट ने कहा है कि हम कट्टर ईमानदार हैं। मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।”

उनके साथ आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता Manish Sisodia समेत कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। समर्थकों ने इसे ‘सच्चाई की जीत’ बताया, जबकि विपक्ष ने अब भी सवाल उठाने जारी रखे हैं।

केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को “आज़ाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र” करार देते हुए आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने के उद्देश्य से उसके पांच बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।

वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता Sanjay Singh ने केंद्र की भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा थी और इससे दिल्ली के विकास कार्यों को बाधित करने की कोशिश की गई।

अब राजनीतिक गलियारों में बहस तेज है—
क्या अदालत की यह राहत आम आदमी पार्टी के लिए नई ऊर्जा साबित होगी?
क्या यह प्रकरण दिल्ली की राजनीति में नया मोड़ लाएगा?

फिलहाल, कोर्ट के बाहर छलके आंसुओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में भावनाएं भी उतनी ही प्रभावशाली होती हैं जितनी रणनीतियां।

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