
‘शारदीय नवरात्रि’ की महानवमी तिथि के पावन अवसर पर आज गोरखपुर स्थित श्री गोरखनाथ मंदिर में शक्ति स्वरूपा कन्याओं का पूजन और वंदन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यह परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि मातृशक्ति के प्रति हमारी श्रद्धा और संस्कारों का प्रतीक भी है।
अखिल सृष्टि की आराध्या, जगज्जननी माँ दुर्गा की असीम कृपा से प्रदेशवासियों का जीवन सुख, समृद्धि, आरोग्यता और शांति से आलोकित हो—मैं ऐसी मंगलकामना करता हूँ।
माँ भगवती की शक्ति से ही समाज का संतुलन, संस्कृति का संरक्षण और राष्ट्र का उत्थान संभव है।
आइए, हम सभी माँ दुर्गा से प्रेरणा लेकर सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ें और समाज में सेवा, सद्भाव और समर्पण का भाव जगाएँ।
जय माँ भगवती!
— योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
गोरखनाथ मठ का यह कन्या पूजन और भजन परंपरा वास्तव में बहुत पुरानी है। नवरात्रि पर यहाँ कुमारी कन्याओं के चरण पखारना, पूजन करना, उन्हें भोजन कराना और भजन संध्या का आयोजन करना – ये सब सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि समाज में नारी स्वरूप और शक्ति की प्रतिष्ठा का संदेश भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति की आराधना भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा है और कन्या पूजन उसका पवित्र स्वरूप है।
उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए माता दुर्गा से सुख, समृद्धि, आरोग्यता और शांति की कामना की।
योगी आदित्यनाथ ने संदेश दिया कि माँ भगवती की कृपा से ही समाज में सेवा, सद्भाव और समर्पण का भाव उत्पन्न होता है और इन्हीं मूल्यों से राष्ट्र का उत्थान संभव है।

योगी आदित्यनाथ जब मठ के उत्तराधिकारी बने (1994 से), तब से लेकर आज तक उन्होंने इस परंपरा को कभी छोड़ा नहीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी, प्रशासनिक व्यस्तताओं और राजनीतिक दबावों के बावजूद, वे हर नवरात्रि पर इसी रीति से कन्या पूजन करते हैं।
इस दौरान:
कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके पांव पखारे जाते हैं।
उन्हें पूजन कर के खीर, पूरी, चना आदि भोजन कराया जाता है।
गोरखनाथ मंदिर में भक्ति गीत और भजन मंडली की गूंज होती है।
महंत/मुख्यमंत्री योगी स्वयं पूरे श्रद्धा भाव से उपस्थित रहते हैं।











