अयोध्या।
विजयादशमी के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि परिसर में स्थित राम दरबार की विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने दीप जलाए, पुष्प अर्पित किए और मंत्रोच्चार के बीच पूरे देशवासियों को एकता, स्वदेशी और सनातन धर्म के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सनातन धर्म केवल एक उपासना विधि नहीं है, बल्कि यह जीव कल्याण और चराचर जगत की सुरक्षा की गारंटी है।”
मुख्यमंत्री ने इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 100वीं वर्षगांठ पर बधाई दी और कहा कि संघ ने राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने RSS को भारत की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ा संगठन बताया।
अपने संबोधन में योगी ने विजयादशमी के मौके पर विशेष संकल्प का आह्वान करते हुए कहा—
“हम सबको यह संकल्प लेना चाहिए कि हम स्वदेशी अपनाएँगे और स्वदेशी को ही अपने घर लेकर आएंगे। यही राष्ट्र की समृद्धि और आत्मनिर्भरता का मार्ग है।”

इसके साथ ही उन्होंने लव जिहाद के खिलाफ हाल ही में पारित नए विधेयक का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि “जो भी इसमें लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस प्रकार की गतिविधियाँ अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।”
राम दरबार की पूजा और विजयादशमी पर दिए इस संदेश के साथ मुख्यमंत्री ने न केवल धार्मिक आस्था को नमन किया, बल्कि सनातन संस्कृति, राष्ट्रवाद और सामाजिक चेतना का भी बिगुल बजाया।











