भोजपुरी सिनेमा के चार बड़े नाम — मनोज तिवारी, रवि किशन, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और अब खेसारी लाल यादव,
सियासत के अखाड़े में अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं।



इन चारों ने भोजपुरी इंडस्ट्री की रीढ़ को मजबूती दी, लेकिन अब जनता के बीच एक नए मंच पर उतर चुके हैं।
मनोज तिवारी ने शुरुआत समाजवादी पार्टी से की थी, जबकि रवि किशन ने कांग्रेस से —
दोनों ही पहले चुनाव में हार के बाद भाजपा का दामन थाम चुके हैं।
निरहुआ भी भाजपा के सांसद हैं और पूर्वांचल में पार्टी के स्टार प्रचारक बने हुए हैं।

लेकिन इस सियासी पटल पर अब खेसारी लाल यादव ने एंट्री कर सबका ध्यान खींच लिया है।
उन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का हाथ थाम लिया है,
और इसी के साथ बिहार के राजनीतिक माहौल में गर्मी लौट आई है।

गौर करने वाली बात यह है कि हाल ही में लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने एनडीए का दामन थामा है,
जबकि पवन सिंह भी भाजपा के करीब माने जा रहे थे — हालांकि फिलहाल उनका टिकट मामला ठंडा पड़ चुका है।

उधर भाजपा ने अपने लोकप्रिय सांसद रवि किशन को बिहार चुनावी प्रचार की कमान सौंपी है।
वे दिवाली तक बिहार में रहकर लगातार रैलियों और जनसभाओं में शामिल रहेंगे।

अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार का चुनावी रण किस दिशा में जाता है —
मोदी-नीतीश की जोड़ी या लालू की लालटेन, कौन चमकेगा इस सियासी मंच पर।
बिहार की राजनीति अब पहले से ज्यादा दिलचस्प और मनोरंजक हो चुकी है।
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