“सिपाही बनाम सिस्टम ? लखनऊ पुलिस लाइन से उठी आवाज़ ने मचाया हड़कंप”

वायरल वीडियो में सिपाही सुनील शुक्ला ने लगाए अवैध वसूली और उत्पीड़न के गंभीर आरोप, जांच शुरू

अरविंद श्रीवास्तव | गोरखपुर |

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया एक वीडियो इस समय पूरे पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील शुक्ला ने एक वायरल वीडियो जारी कर विभाग के भीतर चल रहे कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो में सिपाही सुनील शुक्ला दावा करते दिखाई दे रहे हैं कि ड्यूटी लगाने के नाम पर पुलिसकर्मियों से हर महीने अवैध वसूली की जाती है और इस पूरे खेल में लाखों रुपये का लेन-देन होता है।
सिपाही का आरोप है कि लंबे समय से मानसिक दबाव, उत्पीड़न और लगातार हो रहे शोषण के बाद उसने यह कदम उठाया।

सबसे अहम बात यह मानी जा रही है कि यह आरोप किसी विपक्षी दल, सामाजिक संगठन या बाहरी व्यक्ति ने नहीं लगाए हैं, बल्कि पुलिस विभाग के भीतर कार्यरत एक सिपाही ने ही सिस्टम के खिलाफ आवाज़ उठाई है।
यही वजह है कि वीडियो वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया।

सूत्रों के मुताबिक मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं सिपाही सुनील शुक्ला को फिलहाल मेडिकल लीव पर भेज दिया गया है।
हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अब इस पूरे मामले ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या यह सिर्फ एक सिपाही की व्यक्तिगत पीड़ा है या फिर पूरे सिस्टम की अंदरूनी सच्चाई?
क्या विभागीय जांच निष्पक्ष तरीके से होगी?
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो क्या बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी?
और सबसे बड़ा सवाल… क्या योगी सरकार भ्रष्टाचार पर अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को इस मामले में भी उसी सख्ती के साथ लागू करेगी?

इस बीच मामले पर पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। विभागीय स्तर पर कहा जा रहा है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

एक बात साफ है कि सिस्टम के भीतर रहकर सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाना आसान नहीं होता।
ऐसे में अब पूरे प्रदेश की निगाहें इस जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।
देखना होगा कि यह मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो बनकर रह जाता है या फिर पुलिस विभाग के भीतर बड़े बदलाव की शुरुआत साबित होता है।

 

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