April 16, 2026 11:16 pm

गोरखपुर के किठुनी गाँव में गीता पाठशाला का भव्य उद्घाटन | आध्यात्मिक चेतना की नई शुरुआत

जहाँ गीता का ज्ञान पहुँचता है, वहाँ जीवन में प्रकाश स्वयं उतर आता है…
और ऐसी ही एक पावन पहल देखने को मिली
गोरखपुर जनपद के सिकरीगंज क्षेत्र के किठुनी गाँव में।

जिला गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित किठुनी गाँव में
गीता पाठशाला के नव-निर्मित भवन का भव्य उद्घाटन श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच सम्पन्न हुआ।

ध्वजारोहण के साथ आस्था का ध्वज लहराया और दीप प्रज्वलन के साथ ज्ञान की ज्योति प्रज्ज्वलित हुई। स पावन कार्य के प्रेरणास्रोत और संस्थापक हैं —
इंजीनियर सभापति मौर्य जी,
जिनके समर्पण और सेवा भावना से यह आध्यात्मिक केंद्र साकार हो पाया।

उनका उद्देश्य है कि नई पीढ़ी गीता के दिव्य संदेश से प्रेरित होकर संस्कारवान और जागरूक बने। कार्यक्रम की शुरुआत मुरली क्लास से हुई,
जहाँ भाई-बहनों ने ईश्वरीय ज्ञान का श्रवण किया।
इसके पश्चात भगवान को भोग अर्पित किया गया और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।

भोग के बाद एक भव्य रैली निकाली गई,
जिसमें सफेद वेशभूषा में सजे श्रद्धालुओं ने शांति और प्रेम का संदेश दिया।

रैली के उपरांत झंडारोहण सम्पन्न हुआ और अंत में गीता पाठशाला भवन का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस आयोजन की मुख्य संचालिका रहीं — BK नमस्कार… आप देख रहे हैं Axar Bharat।

जहाँ गीता का ज्ञान पहुँचता है, वहाँ जीवन में प्रकाश स्वयं उतर आता है…
और ऐसी ही एक पावन पहल देखने को मिली
गोरखपुर जनपद के सिकरीगंज क्षेत्र के किठुनी गाँव में। जिला गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित किठुनी गाँव में
गीता पाठशाला के नव-निर्मित भवन का भव्य उद्घाटन श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच सम्पन्न हुआ।

ध्वजारोहण के साथ आस्था का ध्वज लहराया और दीप प्रज्वलन के साथ ज्ञान की ज्योति प्रज्ज्वलित हुई। स पावन कार्य के प्रेरणास्रोत और संस्थापक हैं —
इंजीनियर सभापति मौर्य जी,
जिनके समर्पण और सेवा भावना से यह आध्यात्मिक केंद्र साकार हो पाया।

उनका उद्देश्य है कि नई पीढ़ी गीता के दिव्य संदेश से प्रेरित होकर संस्कारवान और जागरूक बने। कार्यक्रम की शुरुआत मुरली क्लास से हुई,
जहाँ भाई-बहनों ने ईश्वरीय ज्ञान का श्रवण किया।
इसके पश्चात भगवान को भोग अर्पित किया गया और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।

भोग के बाद एक भव्य रैली निकाली गई,
जिसमें सफेद वेशभूषा में सजे श्रद्धालुओं ने शांति और प्रेम का संदेश दिया।

रैली के उपरांत झंडारोहण सम्पन्न हुआ और अंत में गीता पाठशाला भवन का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस आयोजन की मुख्य संचालिका रहीं — BK नमस्कार… आप देख रहे हैं Axar Bharat।

जहाँ गीता का ज्ञान पहुँचता है, वहाँ जीवन में प्रकाश स्वयं उतर आता है…
और ऐसी ही एक पावन पहल देखने को मिली
गोरखपुर जनपद के सिकरीगंज क्षेत्र के किठुनी गाँव में। जिला गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित किठुनी गाँव में
गीता पाठशाला के नव-निर्मित भवन का भव्य उद्घाटन श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच सम्पन्न हुआ।

ध्वजारोहण के साथ आस्था का ध्वज लहराया और दीप प्रज्वलन के साथ ज्ञान की ज्योति प्रज्ज्वलित हुई। स पावन कार्य के प्रेरणास्रोत और संस्थापक हैं —
इंजीनियर सभापति मौर्य जी,
जिनके समर्पण और सेवा भावना से यह आध्यात्मिक केंद्र साकार हो पाया।

उनका उद्देश्य है कि नई पीढ़ी गीता के दिव्य संदेश से प्रेरित होकर संस्कारवान और जागरूक बने। कार्यक्रम की शुरुआत मुरली क्लास से हुई,
जहाँ भाई-बहनों ने ईश्वरीय ज्ञान का श्रवण किया।
इसके पश्चात भगवान को भोग अर्पित किया गया और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा।

भोग के बाद एक भव्य रैली निकाली गई,
जिसमें सफेद वेशभूषा में सजे श्रद्धालुओं ने शांति और प्रेम का संदेश दिया।

रैली के उपरांत झंडारोहण सम्पन्न हुआ और अंत में गीता पाठशाला भवन का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस आयोजन की मुख्य संचालिका रहीं — BK सुशीला दीदी।

जबकि सहयोगी के रूप में
BK कंचन, BK नीरू, BK रंजना, BK प्रिया, BK अमृता राहु,
BK अश्वनी, BK पप्पू, BK मीनू, BK जयंती, BK लक्ष्मी और BK विजय ने सेवा भाव से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।किठुनी गाँव में गीता पाठशाला का यह शुभारंभ
सिर्फ एक भवन का उद्घाटन नहीं…
बल्कि आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों की नई सुबह है। दीदी।

जबकि सहयोगी के रूप में
BK कंचन, BK नीरू, BK रंजना, BK प्रिया, BK अमृता राहु,
BK अश्वनी, BK पप्पू, BK मीनू, BK जयंती, BK लक्ष्मी और BK विजय ने सेवा भाव से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।किठुनी गाँव में गीता पाठशाला का यह शुभारंभ
सिर्फ एक भवन का उद्घाटन नहीं…
बल्कि आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों की नई सुबह है। दीदी।

जबकि सहयोगी के रूप में
BK कंचन, BK नीरू, BK रंजना, BK प्रिया, BK अमृता राहु,
BK अश्वनी, BK पप्पू, BK मीनू, BK जयंती, BK लक्ष्मी और BK विजय ने सेवा भाव से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।किठुनी गाँव में गीता पाठशाला का यह शुभारंभ
सिर्फ एक भवन का उद्घाटन नहीं…
बल्कि आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों की नई सुबह है।

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