गोरखपुर में फागुन महोत्सव: श्री अशोक विला, रेल बिहार में खेली गई फूलों की होली इशिता व अनुभव को दुर्गा बाबू ने किया सम्मान

गोरखपुर। पूर्वाचल सांस्कृतिक प्रतिष्ठान, डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव फैंस एसोसिएशन एवं शीतला प्रसाद फूलमती देवी शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में तारामंडल स्थित नौका विहार, रेल विहार के श्री अशोक विला सभागार में फागुन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, संगीत और संस्कृति का अनुपम संगम बन गया।

राधा-कृष्ण के मधुर भजनों और फूलों की होली ने पूरे सभागार को ब्रजधाम जैसा आध्यात्मिक वातावरण प्रदान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राधा (शिवानी) एवं कृष्ण (आनंद) की भावमयी प्रस्तुति से हुआ। लखनऊ से पधारी आनंद कान्हा ग्रुप की मंडली ने “जुल्म कर डालो”, “काले ने कर दियो लाल”, “बरसाने की होली”, “कान्हा मैं नहीं खेलूं होली” जैसे भजनों की सजीव प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महोत्सव का विशेष आकर्षण रहा नवदंपति अनुभव एवं इशिता का राधा-कृष्ण स्वरूप में फूलों से अभिनंदन। उन्हें फूलों की वर्षा के बीच आशीर्वाद प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी दुर्गा प्रसाद (दुर्गा बाबू) ने नवदंपति को सम्मानित करते हुए कहा कि फागुन महोत्सव हमारी सनातन संस्कृति, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ब्रज और पूर्वांचल की होली विश्व प्रसिद्ध है तथा वसंत पंचमी से आरंभ होने वाला फाग उत्सव मथुरा-वृंदावन और बरसाना में 40 दिनों तक चलता है, जो भारतीय परंपरा की जीवंतता को दर्शाता है।

कार्यक्रम का संचालन मंजीत कुमार (बाबू) ने किया, इस अवसर पर इंजीनियर अनुभव श्रीवास्तव, इशिता देवी, राकेश श्रीवास्तव, वीना चटर्जी, ई. प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ. मनोज कुमार, अर्चना. डॉ. विभा, राजीव जी, प्रदीप जी. संजय जी. ई. रंजीत कुमार, निवेदिता, सरस्वती देवी. ई. संजीत श्रीवास्तव, स्मिता. मंजीत कुमार, मनीषा, रजत कुमार, राजू जी. प्रवीन सिंह, संतोष गिरी. मुकेश सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। जबकि समापन पर अनिल मिश्रा ने सभी आगंतुकों, कलाकारों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


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