July 29, 2026 9:55 pm

जंतर-मंतर के बाद अब ‘अल्फा’ की हुंकार! फतेहपुर के इंटर कॉलेज में छात्रों का प्रदर्शन, 3 दिन का अल्टीमेटम

अक्षर भारत | फतेहपुर/नई दिल्ली

देश में छात्र आंदोलनों की गूंज अब केवल विश्वविद्यालयों और प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रह गई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के बाद अब उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के एक इंटर कॉलेज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में एकत्र होकर नारेबाजी करते और हाथों में तख्तियां लिए विरोध प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से बिजली और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल का व्यवहार उनके प्रति अभद्र है, जिससे छात्रों में लगातार असंतोष बढ़ता गया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एक और गंभीर आरोप लगाया कि मार्कशीट के नाम पर कथित तौर पर अवैध वसूली की जा रही है। आक्रोशित छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और कथित अवैध वसूली बंद नहीं हुई, तो वे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय का घेराव करेंगे।

हालांकि, इस मामले में विद्यालय प्रशासन अथवा शिक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में छात्रों के आरोपों का स्वतंत्र सत्यापन होना अभी बाकी है।

संसद में घायल हालत में पहुंचे पप्पू यादव

इधर, बिहार के छात्र आंदोलन की गूंज संसद तक सुनाई दी। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव सोमवार को संसद परिसर में घायल अवस्था में पहुंचे। उनके एक हाथ में प्लास्टर बंधा था, सिर पर पट्टी थी और दूसरे हाथ में लाठी दिखाई दी। संसद में प्रवेश करते समय उन्होंने छात्र आंदोलन को लेकर अपनी नाराजगी और सरकार पर सवाल उठाए। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

विपक्ष में भी ‘Gen-Z’ की चर्चा

छात्र आंदोलन का असर राजनीतिक गलियारों में भी साफ दिखाई दे रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद में छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए वही नारा दोहराया जिसे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा था— “सरकार भी झुकती है, झुकाने वाला चाहिए।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवा और छात्र वर्ग के मुद्दे अब विपक्ष की राजनीति का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं और आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक प्रभावी हो सकता है।

प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया भी चर्चा में

कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी भी संसद में पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत के दौरान दिखाई दीं। राजनीतिक हलकों में उनके चेहरे के भाव और प्रतिक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज रही। हालांकि इस पर कांग्रेस की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।

छात्र आंदोलनों की बदलती तस्वीर

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के दौर में छात्र अपनी समस्याओं को पहले से कहीं अधिक तेजी से राष्ट्रीय बहस का विषय बना रहे हैं। स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक बुनियादी सुविधाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दे अब छात्रों की प्राथमिक मांगों में शामिल हो चुके हैं।

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