संतोष यादव (गोरखपुर) ; उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के बीचो-बीच स्थित गोरखपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 62 में पौराणिक हट्टी माता मंदिर में बीती रात चोरी की बड़ी घटना सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि पिछले एक साल के भीतर यह तीसरी चोरी है, लेकिन अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों के अनुसार हट्टी माता मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर की देखरेख मोहल्ले के कुछ जिम्मेदार और गणमान्य नागरिकों द्वारा की जाती है। वहीं मंदिर के पुजारी किसी दूसरे वार्ड के निवासी हैं, जो प्रतिदिन शाम को पूजा-अर्चना के बाद मंदिर में ताला लगाकर अपने घर चले जाते हैं और सुबह समय से पुनः मंदिर पहुंचते हैं।
मंदिर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोहल्ले वासियों ने इसके जीर्णोद्धार के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरा भी लगवाया था, लेकिन इसके बावजूद चोरों ने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। बीती रात करीब 1:30 बजे कुछ अज्ञात युवकों ने मंदिर का ताला तोड़ दिया और मूर्तियों पर सजे कीमती जेवरात चोरी कर लिए। इतना ही नहीं, जाते-जाते चोर दान पेटी भी अपने साथ ले गए।

सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि चोरी करने वाला युवक बार-बार मंदिर के बाहर जाता है और चोरी का सामान बाहर खड़े अपने एक साथी को सौंपता है। इसके बाद वह दोबारा मंदिर के अंदर प्रवेश कर वारदात को अंजाम देता है। फुटेज के आधार पर यह स्पष्ट है कि इस घटना में कम से कम दो युवक शामिल थे।
चोरों की गतिविधियों और बॉडी लैंग्वेज से यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे मंदिर से भली-भांति परिचित थे। उनकी आवाजाही बिल्कुल सामान्य प्रतीत हो रही है, मानो मंदिर आना-जाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा हो।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह मंदिर में तीसरी बार चोरी की घटना है, लेकिन अब तक न तो किसी आरोपी की पहचान हो सकी है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और असुरक्षा का माहौल है।
फिलहाल घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। अब देखना यह होगा कि इस बार पुलिस आस्था पर हुए इस वार का खुलासा कर पाती है या नहीं।









