नई दिल्ली।
वीर बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार बच्चों द्वारा साहस, खेल, कला, संस्कृति, नवाचार और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में किए गए असाधारण कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

इस वर्ष दो बच्चों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया, जिसे उनके माता-पिता ने राष्ट्रपति से ग्रहण किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने पुरस्कार विजेता बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि इन बच्चों ने अपने कार्यों से न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज और देश का गौरव बढ़ाया है।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि वीर बाल दिवस हर वर्ष 26 दिसंबर को सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों के अद्वितीय साहस और बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन देश के बच्चों में देशभक्ति, साहस और सेवा भावना को प्रेरित करता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुरस्कार विजेता बच्चों से मुलाकात की और कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली और वीर बच्चे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पुरस्कार पाने वाले बच्चों में पंजाब के फिरोजपुर निवासी 10 वर्षीय श्रवण सिंह भी शामिल हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा पर तैनात भारतीय जवानों तक चाय, दूध और नाश्ता पहुंचाकर सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

तमिलनाडु की 8 वर्षीय ब्योमा और बिहार के कमलेश कुमार को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया गया। ब्योमा ने करंट से एक बच्चे की जान बचाते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया था, जबकि कमलेश ने नदी में डूब रहे बच्चे को बचाते हुए जान गंवाई।
इसके अलावा केरल के मोहम्मद सिद्दान, उत्तर प्रदेश के अजय राज, आंध्र प्रदेश की पैरा एथलीट शिवानी, झारखंड की फुटबॉलर अनुष्का, गुजरात की वर्ल्ड चैंपियन शतरंज खिलाड़ी वाका लक्ष्मी, छत्तीसगढ़ की जूडो खिलाड़ी योगिता मंडावी और उत्तर प्रदेश की पूजा, जिन्होंने प्रदूषण रोकने वाली थ्रेसर मशीन का आविष्कार किया, जैसे बच्चों को भी उनके साहस और प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि इन बच्चों की उपलब्धियां देश के अन्य बच्चों को भी प्रेरित करेंगी और भारत का भविष्य ऐसे ही होनहार, साहसी और संवेदनशील बच्चों के हाथों में सुरक्षित रहेगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।










