क्रिया योग के ध्वजवाहक योगानंद की जन्मभूमि पर सजेगा 133वां जन्मोत्सव

अरविंद श्रीवास्तव, गोरखपुर।

क्रिया योग को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाले परम पूज्य परमहंस योगानंद की जन्मस्थली जल्द ही एक भव्य स्मृति स्थल के रूप में आकार ले रही है।
5 जनवरी 1893 को जन्मे योगानंद ने अमेरिका सहित एक दर्जन से अधिक यूरोपीय देशों में भारतीय अध्यात्म और ध्यान परंपरा का परचम फहराया था।
योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से जन्मस्थली को स्मृति स्थल में बदलने का कार्य अपने आधे सफर को पूरा कर चुका है। परियोजना का अधिकांश कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण होने की उम्मीद है।



परमहंस योगानंद के 133वें जन्मदिवस पर जन्मस्थली में विशेष आयोजन प्रस्तावित है। सुबह 8 बजे घोष कंपनी चौराहे से जन्मस्थली तक योगदा सेवा संस्थान (YSS) से जुड़े साधकों की पालकी यात्रा निकाली जाएगी।
इस पदयात्रा में कैलिफोर्निया (अमेरिका) और रांची मुख्यालय से आए लगभग 11 स्वामीगण भी शामिल होंगे।


कार्यक्रम के दौरान गोरखपुर व मंडल के साधक एक घंटे का सामूहिक ध्यान सत्र करेंगे, जिसमें देश-विदेश की महिला साधकों की भी सहभागिता रहेगी। प्रसाद वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन होगा। इसी अवसर पर कैलिफोर्निया से आए एक विशेष स्वामी जी मीडिया से भी संवाद करेंगे।


अब तक कोतवाली के समीप स्थित जन्मस्थली स्मृति स्थल परियोजना में 35 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पर्यटन विभाग इस परियोजना का नोडल विभाग है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं समय-समय पर इसकी प्रगति की समीक्षा करते रहे हैं।
गौरतलब है कि 11 मई 2025 को मुख्यमंत्री ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था।

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