उत्तर प्रदेश से एक बड़ी और बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि
उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों के 75 पारंपरिक व्यंजन अब प्रदेश की नई पहचान और नई ताकत बनेंगे।
‘एक जनपद–एक व्यंजन’ योजना के तहत
हर जिले के पारंपरिक और विशिष्ट व्यंजन को
ब्रांडिंग
आधुनिक पैकेजिंग
और प्रभावी मार्केटिंग के ज़रिए
राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यह योजना केवल स्वाद तक सीमित नहीं है,
बल्कि इसके ज़रिए
स्थानीय कारीगरों
छोटे व्यापारियों
महिला स्वयं सहायता समूहों
और MSME सेक्टर
को रोज़गार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती मिलेगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
जिस तरह ‘वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट’ योजना ने उत्तर प्रदेश के उद्योग और निर्यात को नई उड़ान दी,
उसी तरह अब ‘एक जनपद–एक व्यंजन’
प्रदेश की
संस्कृति, परंपरा और अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का काम करेगी।
यह योजना
“वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को ज़मीन पर उतारने का मजबूत प्रयास मानी जा रही है। कुल मिलाकर,
उत्तर प्रदेश अब सिर्फ अपनी राजनीति या विकास योजनाओं के लिए नहीं, बल्कि अपने स्वाद, संस्कृति और स्वावलंबन के लिए भी
देश और दुनिया में एक नई पहचान बनाने की ओर बढ़ चुका है।










