असम में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच बयानबाज़ी और हमले भी तेज होते जा रहे हैं।
राज्य में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच देखने को मिल रहा है। BJP की ओर से चुनाव प्रचार की कमान देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने संभाल रखी है। लगातार रैलियों और जनसभाओं के जरिए पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस नेता Rahul Gandhi भी आक्रामक अंदाज में चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। उनकी रैलियों में उमड़ रही भीड़ यह संकेत दे रही है कि कांग्रेस भी इस बार मुकाबले को आसान नहीं बनने देना चाहती।

इसी बीच, चुनावी माहौल में बयानबाज़ी ने नया मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि BJP एक बार फिर असम में सरकार बनाने जा रही है। इतना ही नहीं, उत्साह में वे मंच पर नृत्य करते हुए भी नजर आए, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
हालांकि, राजनीतिक तापमान उस वक्त और बढ़ गया जब Himanta Biswa Sarma ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान Rahul Gandhi पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें “पागल” तक कह दिया। इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल मच गई।

इस पर जवाब देते हुए राहुल गांधी ने भी मंच से जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा “देश के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” हैं और कांग्रेस सत्ता में आने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। राहुल गांधी के इस बयान ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की तीखी बयानबाज़ी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकती है, जिसका उद्देश्य मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद करना है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन आरोप-प्रत्यारोप को कितनी गंभीरता से लेती है।

असम की जनता के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे इन सियासी हमलों से प्रभावित होंगे या फिर विकास, रोजगार और स्थानीय मुद्दों के आधार पर अपना फैसला सुनाएंगे।
फिलहाल इतना तय है कि असम का चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला होने जा रहा है।

