अक्षर भारत LIVE | विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली/नागपुर/मुंबई।
दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब देश के अन्य राज्यों तक फैलता दिखाई दे रहा है। महाराष्ट्र के नागपुर और मुंबई में भी बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
नागपुर में प्रदर्शन के दौरान कई युवाओं ने स्वेच्छा से गिरफ्तारियां दीं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वैन में बैठकर नारेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ वीडियो में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने और हिरासत में लेने की कार्रवाई भी नजर आ रही है। इन वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
इसी बीच मुंबई से सामने आया एक वीडियो सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो में एक युवती पुलिस वैन के सामने खड़ी होकर उसे आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास करती दिखाई दे रही है। कुछ ही क्षणों में वहां मौजूद अन्य युवक-युवतियां भी उसके साथ पुलिस वाहन के सामने आकर खड़े हो जाते हैं, जिसके कारण कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में युवती यह कहते हुए सुनाई देती है कि वह स्वयं छात्र नहीं है और न ही उसके परिवार का कोई सदस्य किसान है, लेकिन छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट और पुलिस कार्रवाई से आहत होकर वह विरोध दर्ज कराने के लिए सड़क पर उतरी है। वीडियो में वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पूरे मामले में जवाब देने और छात्रों से माफी मांगने अथवा पद से इस्तीफा देने की मांग करती हुई दिखाई देती है।
दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस पूरे विवाद के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से अभी तक महाराष्ट्र में हुई पुलिस कार्रवाई पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस प्रकार दिल्ली से शुरू हुआ यह आंदोलन अब महाराष्ट्र तक पहुंच गया है, उससे स्पष्ट है कि यह मुद्दा केवल एक शहर तक सीमित नहीं रह गया है। सोशल मीडिया ने भी इस आंदोलन को नई गति दी है, क्योंकि प्रदर्शन से जुड़े वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं और लाखों लोग उन्हें देख रहे हैं।
युवती ने अकेले दम पर रोक दी पुलिस वैन –

कहते हैं जज्बे को भीड़ की आवश्यकता नहीं होती , और आज यही साबित किया एक मुम्बइया वीरांगना ने। मुंबई की एक सड़क पर गिरफ्तार छात्र छात्रों को लेकर जा रही पुलिस वैन के सामने आ गयी वह युवती अचानक और ड्राइवर को रुकने का इशारा किया। पुलिस ड्राइवर के पास बस को रोकने के अलावा कोई चारा नहीं था। तकरीबन दस मिनट तक ट्रैफिक जाम हो गया। फिर शुरू हुआ मानमनौवल। थोड़ी देर बाद घटना स्थल पर पंहुची महिला पुलिस उसे पास के थाने ले गयी। युवती बार बार संसद के सामने हो रहे लाठीचार्ज के बाबत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ही कसूरवार मानती रही।
हालांकि, वायरल हो रहे वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया और आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल इतना तय है कि छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार, विपक्ष और छात्र संगठनों की अगली रणनीति पर सभी की नजर बनी रहेगी।








