March 23, 2026 1:52 pm

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर HURL में ब्रह्माकुमारीज़ का विशेष राजयोग कार्यक्रम — मानसिक शांति का जलाया दीप

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (HURL), गोरखपुर में
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, हुमायूंपुर सेवा केंद्र द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य था —
मानव जीवन में बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद को राजयोग के माध्यम से समाप्त करना
और समाज में सकारात्मक ऊर्जा तथा आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश देना।


दीप प्रज्वलन और ईश वंदना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और ईश वंदना के साथ हुई।
इस अवसर पर HURL के ऑफिसर्स कैडर से कई अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने राजयोग की प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक समझा।


मुख्य वक्ता बी.के. कंचन बहन ने बताया — “हर परिस्थिति में प्रसन्न रहना संभव है”

मुख्य वक्ता बी.के. कंचन बहन ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में राजयोग की महत्ता समझाई।
उन्होंने कहा —

“राजयोग मन को नियंत्रित करने की वह शक्ति देता है जिससे इंसान किसी भी परिस्थिति में शांत और प्रसन्न रह सकता है।”

उन्होंने बताया कि मानसिक शांति बाहरी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि आत्मा की स्थिति से उत्पन्न होती है


गाइडेड मेडिटेशन से कराया गया राजयोग अभ्यास

बी.के. प्रिया बहन ने उपस्थित अधिकारियों को गाइडेड मेडिटेशन के माध्यम से राजयोग का अनुभव कराया।
इस दौरान सभी ने गहन शांति और आत्मिक स्थिरता का अनुभव किया।


ब्रह्माकुमारी परिचय और समापन संदेश

बी.के. नीरू बहन ने ब्रह्माकुमारी संगठन का संक्षिप्त परिचय देते हुए इसके वैश्विक कार्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में हुमायूंपुर सेवा केंद्र की इंचार्ज बी.के. सुनीता बहन ने सभी को प्रेरणादायक शब्दों से संबोधित किया।

उन्होंने कहा —

“मानव जीवन में सच्ची सफलता तभी है जब मन शांत हो और आत्मा प्रसन्न रहे।”

अंत में HURL गोरखपुर के प्रतिनिधि श्री रमा शंकर लाल जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
सभी उपस्थित अधिकारियों को Blessings Card एवं टोली  (प्रसाद) देकर मुख मीठा कराया गया।


समापन पर आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति का संदेश

 

यह कार्यक्रम इस बात का साक्षी बना कि मानसिक स्वास्थ्य केवल दवाओं से नहीं, बल्कि ध्यान और आत्मचिंतन से भी संभव है।
राजयोग की इस साधना ने यह संदेश दिया कि —

“मन को जीतने वाला ही सच्चा विजेता है।”

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