सरकार vs जिमखाना क्लब: आखिर क्यों मांगी गई 27 एकड़ जमीन ?

लुटियंस दिल्ली के बेहद प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक Delhi Gymkhana Club को लेकर इस समय बड़ा कानूनी और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
क्या हुआ है?
केंद्र सरकार ने क्लब को आदेश दिया है कि वह 5 जून 2026 तक अपना परिसर खाली कर दे। यह परिसर दिल्ली के 2, सफदरजंग रोड पर स्थित है और करीब 27.3 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है।
सरकार का कहना है कि यह इलाका “अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक” क्षेत्र में आता है और इसे:
रक्षा ढांचे (Defence Infrastructure) को मजबूत करने,
सार्वजनिक सुरक्षा, और अन्य सरकारी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार ने किस आधार पर नोटिस दिया?
यह जमीन मूल रूप से ब्रिटिश काल में “Imperial Delhi Gymkhana Club” को लीज पर दी गई थी।
सरकार ने अब 1928 की पुरानी lease deed की एक clause का हवाला दिया है,
जिसमें “public purpose” यानी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जमीन वापस लेने का अधिकार मौजूद बताया गया है।

क्लब, कोर्ट क्यों पहुंचा?
क्लब और उसके कुछ सदस्यों का कहना है कि:
सरकार बिना उचित प्रक्रिया के जबरन कब्जा लेना चाहती है,
क्लब की ऐतिहासिक और संस्थागत पहचान खतरे में है,
और हजारों सदस्यों व लगभग 600 कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित होगा।
इसी वजह से क्लब के सदस्य दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गए हैं।
सीनियर एडवोकेट Abhishek Manu Singhvi ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की है। हाईकोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गया है।
विवाद सिर्फ जमीन का नहीं है
यह मामला सिर्फ एक क्लब खाली कराने का नहीं माना जा रहा।
दरअसल, Delhi Gymkhana Club लंबे समय से भारत के सबसे “elite” क्लबों में गिना जाता रहा है। यहां बड़े अफसर, नेता, कारोबारी और प्रभावशाली लोग सदस्य रहे हैं।
कई रिपोर्टों में क्लब पर:
अत्यधिक exclusivity,
लंबी membership waiting,
“green card system”,
और governance विवादों
के आरोप भी लगते रहे हैं।

राजनीतिक एंगल भी
कुछ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार का कदम राजनीतिक भी हो सकता है।
कांग्रेस नेता Rashid Alvi ने दावा किया कि क्योंकि Rahul Gandhi क्लब के सदस्य हैं, इसलिए सरकार कार्रवाई कर रही है। हालांकि सरकार ने आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई कारण नहीं बताया है।
अब आगे क्या ?
अब सबसे अहम बात दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई होगी।
अगर कोर्ट अंतरिम राहत देता है, तो क्लब को फिलहाल राहत मिल सकती है।
अगर नहीं, तो सरकार 5 जून के बाद जमीन का कब्जा लेने की कार्रवाई आगे बढ़ा सकती है।
Delhi Gymkhana Club सिर्फ़ एक एलीट क्लब ही नहीं, बल्कि वहाँ कई बड़े सामाजिक,
सांस्कृतिक, खेल और कॉर्पोरेट कार्यक्रम भी होते रहे हैं।
वहाँ अक्सर ये गतिविधियाँ देखने को मिलती हैं:
हाई-प्रोफाइल डिनर और रिसेप्शन
साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
संगीत और ग़ज़ल नाइट्स
घुड़सवारी और स्पोर्ट्स इवेंट्स
बिज़नेस नेटवर्किंग मीटिंग्स
आर्मी और ब्यूरोक्रेसी से जुड़े समारोह
फैमिली और फेस्टिव सेलिब्रेशन



