मथुरा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कथित दुग्धाभिषेक को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के बाद मथुरा के कई संतों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। संत समाज ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर प्रकरण के याचिकाकर्ता फलाहारी महाराज ने कहा कि यदि भगवान विष्णु की तस्वीर के साथ किसी राजनीतिक व्यक्ति का दुग्धाभिषेक किया गया है, तो यह धार्मिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि किसी सामान्य व्यक्ति को भगवान के समान स्थापित करना उचित नहीं है और यदि ऐसी घटना हुई है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए कहा कि जीवात्मा की तुलना परमात्मा से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि भगवान करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और इस प्रकार की घटनाएं लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती हैं।
वहीं साध्वी कृष्णप्रिया जी ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक उत्साह में धार्मिक मर्यादाओं का ध्यान नहीं रखते। उन्होंने कहा कि भगवान की पूजा और किसी राजनीतिक नेता के सम्मान में अंतर होना चाहिए तथा इस प्रकार की घटनाओं से समाज में अनावश्यक विवाद पैदा होते हैं।
फिलहाल इस मामले में समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि वायरल वीडियो और तस्वीरें कब और कहां की हैं तथा कथित दुग्धाभिषेक किसने आयोजित किया।
यदि इस मामले में पुलिस, प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।







