अरविन्द श्रीवास्तव
गोरखपुर। साइबर अपराधियों की नजर अब गोरखपुर के बाजारों पर भी पड़ चुकी है। महाराष्ट्र से संचालित एक साइबर ठगी गिरोह ने शहर के एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम से करीब 50 लाख रुपये का सोना अलग-अलग दिनों में और अलग-अलग बैंक खातों से ऑनलाइन भुगतान कर खरीद लिया। मामले का खुलासा होने के बाद महाराष्ट्र साइबर पुलिस और गोरखपुर पुलिस संयुक्त रूप से जांच में जुटी हैं।
पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र साइबर पुलिस को जांच के दौरान गोरखपुर में हुई संदिग्ध खरीदारी की जानकारी मिली। इसके बाद महाराष्ट्र की टीम गोरखपुर पहुंची और स्थानीय साइबर पुलिस के साथ जांच शुरू की। जांच में पता चला कि असुरन मेडिकल रोड स्थित एक प्रतिष्ठान से एक व्यक्ति ने करीब 50 लाख रुपये का सोना खरीदा था। भुगतान कई अलग-अलग खातों से किया गया था।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि जिन खातों से भुगतान किया गया, वे म्यूल अकाउंट (Mule Accounts) थे। ऐसे खातों का उपयोग साइबर ठग अवैध धन को इधर-उधर करने और अपनी पहचान छिपाने के लिए करते हैं।
मामले में शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने खरीदारी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के गोपालगंज जिले के निवासी के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसी तरह के म्यूल खातों के जरिए गोरखपुर बाजार से करीब 11 करोड़ रुपये की खरीदारी किए जाने की आशंका है। इससे संकेत मिलते हैं कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि कई राज्यों में सक्रिय एक संगठित साइबर नेटवर्क हो सकता है।
फिलहाल महाराष्ट्र साइबर पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं और अवैध धन का स्रोत क्या है।

पुलिस ने व्यापारियों और आम लोगों से अपील की है कि बड़ी ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार करते समय ग्राहक की पहचान और लेन-देन का सत्यापन अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को दें।








