गोरखपुर का चिलुआताल बनेगा वाटर स्पोर्ट्स का नया केंद्र, सीएम योगी ने किया लोकार्पण

गोरखपुर। अरविन्द श्रीवास्तव | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर के उत्तरी छोर पर स्थित प्राकृतिक झील चिलुआताल पर्यटन विकास परियोजना का लोकार्पण किया। करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित इस परियोजना को जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने चिलुआताल को भविष्य में रामगढ़ताल की तर्ज पर ईको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह रामगढ़ताल आज पूर्वांचल की पहचान बन चुका है, उसी तरह चिलुआताल में भी पर्यटन और जल क्रीड़ाओं की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। आगामी चरणों में इस प्राकृतिक झील को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में रामगढ़ताल में आयोजित नेशनल जूनियर रोइंग चैंपियनशिप का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में देश के 22 राज्यों से 200 से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए थे। खिलाड़ियों और आगंतुकों ने रामगढ़ताल की प्राकृतिक सुंदरता और व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की थी। अब चिलुआताल का विकास होने से गोरखपुर को पर्यटन के क्षेत्र में एक और बड़ी पहचान मिलेगी।

योगी आदित्यनाथ ने चिलुआताल के प्राकृतिक वातावरण की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि इस झील का जल जंगलों और प्राकृतिक स्रोतों से होकर आता है, जिससे इसकी सुंदरता और पर्यावरणीय महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए चिलुआताल को ईको-फ्रेंडली पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर को स्वच्छ, स्मार्ट और सस्टेनेबल शहर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए नागरिकों से विकास परियोजनाओं के संरक्षण और स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उनकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी समाज की भी है।

चिलुआताल पर्यटन विकास परियोजना के शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और गोरखपुर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। आने वाले समय में यह क्षेत्र पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन एवं वाटर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित हो सकता है।

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